Monday, 17 September 2018

खांसी और जुकाम के उपचार के लिए रामबाण है घरेलू उपाय (Home Remedies for cold and cough)


Balprada Jansewa Ashram TRUST
मौसम में परिवर्तन के साथ ही कई प्रकार के छोटे बड़े रोग व्यक्ति को अपना शिकार बनाते है। इनमें जुकाम और खांसी सबसे सामान्य हैं। इसके उपचार के लिए आप घरेलू उपाय प्रयोग कर सकते हैं, ये आसानी से उपलब्ध होते हैं और इनका कोई भी साइड इफेक्‍ट भी नही होता है...
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• हल्दी
जुकाम और खांसी से बचाव के लिए हल्‍दी बहुत ही अच्‍छा उपाय है। यह बंद नाक और गले की खराश की समस्‍या को भी दूर करता है। जुकाम और खांसी होने पर दो चम्‍मच हल्‍दी पावडर को एक गिलास दूध में मिलकार सेवन करने से फायदा होता है। दूध में मिलाने से पहले दूध को गर्म कर लें। इससे बदं नाक और गले की खराश दूर होगी। सीने में होने वाली जलन से भी यह बचाता है। हती नाक के इलाज के लिए हल्दी को जलाकर इसका धुआं लें, इससे नाक से पानी बहना तेज हो जाएगा व तत्काल आराम मिलेगा
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• गेहूं की भूसी
जुकाम और खांसी के उपचार के लिए आप गेहूं की भूसी का भी प्रयोग कर सकते हैं। 10 ग्राम गेहूं की भूसी, पांच लौंग और कुछ नमक लेकर पानी में मिलाकर इसे उबाल लें और इसका काढ़ा बनाएं। इसका एक कप काढ़ा पीने से आपको तुरंत आराम मिलेगा। हालांकि जुकाम आमतौर पर हल्का-फुल्का ही होता है जिसके लक्षण एक हफ्ते या इससे कम समय के लिए रहते हैं। गेंहू की भूसी का प्रयोग करने से आपको तकलीफ से निजात मिलेगी।
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• तुलसी
समान्‍य कोल्‍ड और खांसी के उपचार के लिए बहत की कारगर घरेलू उपाय है तुलसी, यह ठंक के मौसम में लाभदायक है। तुलसी में काफी उपचारी गुण समाए होते हैं, जो जुकाम और फ्लू आदि से बचाव में कारगर हैं। तुलसी की पत्तियां चबाने से कोल्ड और फ्लू दूर रहता है। खांसी और जुकाम होने पर इसकी पत्तियां (प्रत्येक 5 ग्राम) पीसकर पानी में मिलाएं और काढ़ा तैयार कर लें। इसे पीने से आराम मिलता है।
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• अदरक
सर्दी और जुकाम में अदरक बहुत फायदेमंद होता है। अदरक को महाऔषधि कहा जाता है, इसमें विटामिन, प्रोटीन आदि मोजूद होते हैं। अगर किसी व्यक्ति को कफ वाली खांसी हो तो उसे रात को सोते समय दूध में अदरक उबालकर पिलाएं। अदरक की चाय पीने से जुकाम में फायदा होता है। इसके अलावा अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
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• काली मिर्च पाउडर
जुकाम और खांसी के इलाज के लिए यह बहुत अच्‍छा देसी ईलाज है। दो चुटकी, हल्दी पाउडर दो चुटकी, सौंठ पाउडर दो चुटकी, लौंग का पाउडर एक चुटकी और बड़ी इलायची आधी चुटकी, लेकर इन सबको एक गिलास दूध में डालकर उबाल लें। इस दूध में मिश्री मिलाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है। शुगर वाले मिश्री की जगह स्टीविया तुलसी का पाउडर मिलाकर प्रयोग करें।
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• इलायची
इलायची न केवल बहुत अच्‍छा मसाला है बल्कि यह सर्दी और जुकाम से भी बचाव करता है। जुकाम होने पर इलायची को पीसकर रुमाल पर लगाकर सूंघने से सर्दी-जुकाम और खांसी ठीक हो जाती है। इसके अलावा चाय में इलायची डालकर पीने से आराम मिलता है।
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• हर्बल टी
सर्दी और जुकाम में औषधीय चाय पीना बहुत फायदेमंद होता है। सर्दी के कारण जुकाम, सिरदर्द, बुखार और खांसी होना सामान्‍य है, ऐसे में हर्बल टी पीना आपके लिए फायदेमंद है। इससे ठंड दूर होती है और पसीना निकलता है, और आराम मिलता है। यदि जुकाम खुश्‍क हो जाये, कफ गाढ़ा, पीला ओर बदबूदार हो और सिर में दर्द हो तो इसे दूर करने के लिए हर्बल टी का सेवन कीजिए
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• कपूर
सर्दी से बचाव के लिए कपूर का प्रयोग भी फायदेमंद है। कपूर की एक टिकिया को रुमाल में लपेटकर बार-बार सूंघने से आराम मिलता है और बंद नाक खुल जाती है। इसके आलाव यह कपूर सूंघने से ठंड भी दूर होती है। कपूर की टिकिया का प्रयोग करके आप सर्दी और जुकाम से बचाव कर सकते हैं।
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• नींबू
गुनगुने पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से सर्दी और खांसी में आराम मिलता है। एक गिलास उबलते हुए पानी में एक नींबू और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से जुकाम में लाभ होता है। पका हुआ नींबू लेकर उसका रस निकाल लीजिए, इसमें शुगर डालकर इसे गाढ़ा बना लें, इसमें इलायची का पावडर मिलाकर इसका सेवन करने से आराम‍ मिलता है।
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Wednesday, 3 January 2018

Home Remedy of Toothache (दाँत दर्द के घरेलू उपचार)

► दाँत दर्द में हमें बड़ी कठनाई का सामना करना पड़ता है । कई बार कुछ गलत खाने से तो कई बार दांतों की ठीक से सफाई न करने या कीड़े लगने के कारण दांतों में दर्द होने लगता है. दांतों में दर्द का कारण कोई भी हो, लेकिन इसकी पीड़ा हमारे लिए बेहद कष्टकारी बन जाती है। यहाँ पर हम आपको दाँत दर्द में कुछ बहुत ही आसान से उपचार बता रहे है।
• पिसी हल्दी, नमक व सरसो का तेल मिलाकर पेस्ट सा बना कर उसे डिब्वे में रख ले सुबह इस पेस्ट को ब्रश अथवा उगली के द्वारा दाँतों व मसूड़ों पर लगा लें थोड़ी देर लगा कर रखे फिर बाद में कुल्ला कर लें इस प्रयोग से हिलते हुए दाँत जम जाते हैं दाँतो से पीलापन दुर होकर दाँत विल्कुल सफेद हो जाते हैं। इस प्रयोग करते रहने से कभी भी पायरिया नही होगा।
• नींबू के छिलकों पर थोड़ा-सा सरसों का तेल डालकर दाँत एवं मसूढ़ों पर लगाने से दाँत सफेद एवं चमकदार होते हैं, मसूढ़े मजबूत होते हैं, हर प्रकार के जीवाणुओं तथा पायरिया आदि रोगों से बचाव होता है।
• आम के पत्तों को अच्छी तरह चबाकर उसका रस मुँह में फैलाकर, थोड़ी देर तक रखकर थूक देने से अथवा आम की छाल को पानी में उबालकर उसके कुल्ले करने से हर तरह के दाँत के दर्द में लाभ होता है।
• हींग दांत में दर्द से तुरंत मुक्ति दिलाता है। हींग को मौसमी के रस में डुबोकर दांतों में दर्द की जगह पर रखें, मौसमी न होने पर हींग में नींबू भी मिलाया जा सकता है। इससे शीघ्र ही आपको दर्द से छुटकारा मिल जायेगा।
• तिल के तेल में पीसा हुआ नमक मिलाकर उँगली से दाँतों को रोज घिसने से दाँत की पीड़ा दूर होती है ।
• दांतों के दर्द में लौंग दांतों के सभी बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता हैं। ऐसे में लौंग को दांतों के दर्द की जगह पर रखना चाहिए, कुछ ही देर में आपका दर्द जाता रहेगा। लेकिन चूँकि इसमें दर्द कम होने की प्रक्रिया थोड़ी धीमी होती है इसलिए इसमें धैर्य रखना चाहिए ।
• जामुन के वृक्ष की छाल के काढ़े के कुल्ले करने से दाँतों के मसूढ़ों की सूजन मिटती है व हिलते दाँत भी मजबूत होते हैं।
• प्याज दांत दर्द के लिए एक उत्तम घरेलू उपचार है। जो व्यक्ति रोजाना कच्चा प्याज खाते हैं उन्हें दांत दर्द की शिकायत होने की संभावना कम रहती है क्योंकि प्याज में कुछ ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो बैकटीरिया को नष्ट कर देते हैं। अगर आपके दांत में दर्द है तो प्याज के टुकड़े को दांत के पास रखें अथवा प्याज चबाएं। आपको आराम महसूस होने लगेगा।
• प्रायः दाढ़ में कीड़ा लगने पर असहय दर्द उठता है। तब अमरूद के पत्ते के काढ़े से कुल्ला करने से दाँत और दाढ़ की भयानक टीस और दर्द दूर हो जाता है। पतीले में पानी में अमरूद के पत्ते डालकर इतना उबालें कि वह पानी उबाले हुए दूध की तरह गाढ़ा हो जाए।
सेंधा नमक के पानी के कुल्ले करने एवं कत्थे अथवा हल्दी का चूर्ण लगाने से गिरे हुए दाँत का रक्तस्राव जल्दी ही बंद हो जाता है।
• लहसुन में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं जो अनेकों प्रकार के संक्रमण से लड़ने की क्षमता रखते हैं।लहसुन में एलीसिन होता है जो दांत के पास के बैकटीरिया, जर्म्स, जीवाणु इत्यादि को नष्ट कर देता है।इसलिए एक फांक लहसुन को सेंधा नमक के साथ पीसकर यदि आप दांतों में दर्द की जगह पर लगायेंगे तो आपको दर्द में आराम मिलेगा।
• दाँत-दाढ़ दर्द में अदरक का टुकड़ा कुचलकर दर्द वाले दाँत में रखकर मुँह बंद कर लें और धीरे-धीरे रस चूसते रहें। फौरन राहत महसूस होगी।
नीम के पत्तों की राख में कोयले का चूरा तथा कपूर मिलाकर रोज रात को सोने से पहले लगाकर पायरिया में लाभ होता है।
• सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दाँतों पर लगाने से दाँतों से निकलती दुर्गन्ध एवं रक्त बंद होकर दाँत मजबूत होते हैं तथा पायरिया भी जड़ से ख़त्म हो जाता है।
• फिटकरी को तवे या लोहे की कड़ाही में पानी के साथ आग पर रखें। जब पानी जल जाए और फिटकरी फूल जाए तो तवे को आग पर से उतारकर फिटकरी को पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। जितना फिटकरी का पावडर बने उसका 1/4 भाग पिसी हल्दी उसमें मिला कर लकड़ी की सींख की नोक से दाँत के दर्द वाले स्थान पर या सुराख के भीतर यह मिश्रण भर दें।यह बहुत ही लाभकारी प्रयोग है ।
विशेष :- भोजन अथवा अन्य किसी भी पदार्थ को खाने के बाद अच्छी तरह से कुल्ला जरूर करें तथा गर्म वस्तु के तुरंत पश्चात् ठण्डी वस्तु का सेवन न करें
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Monday, 30 October 2017

स्वास्थ्य रक्षा हेतु पाकशाला(रसोई) के कुछ आवश्यक नियम तथा उपाय

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• नमक केवल सेन्धा प्रयोग करें। थायराइड, बी. पी. तथा पेट ठीक होगा।
• कुकर स्टील का ही काम में लें। एल्युमिनियम में मिले lead से होने वाले नुकसानों से बचेंगे।
• तेल कोई भी रिफाइंड न खाकर, केवल तिल्ली, सरसों, मूंगफली, नारियल प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं।
• सोयाबीन बड़ी को 2 घण्टे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।
• देसी गाय के घी का प्रयोग बढ़ाएं। अनेक रोग दूर होंगे, वजन नहीं बढ़ता।
• ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।
• ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।
• भोजन का समय निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा।
• नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन, फाइबर मिलेंगें।
• सुबह के खाने के साथ ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।
• चीनी कम से कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी। चीनी की जगह बिना मसले का गुड़ या देशी शक्कर लें।
• छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।
• चाय के समय, आयुर्वेदिक पेय की आदत बनाएं व निरोग रहेंगे।
• करेले, मैथी, मूली याने कड़वी सब्जियां भी खाएँ, रक्त शुद्ध रहेगा।
• पानी मटके वाले से ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।
• प्लास्टिक, एल्युमिनियम रसोई से हटाये, केन्सर कारक हैं।
• माइक्रोवेव ओवन का प्रयोग केन्सर कारक है।
• खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएँ, पेट और दांत को खराब करती हैं।
• मैदा, बेसन, छौले, राजमां, उड़द कम खाएँ, गैस की समस्या से बचेंगे।
• अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।
• रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खतम।
• चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।
• सर्दी में बाहर जाते समय, 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए, सर्दी से नुकसान नहीं होगा।
• रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रखकर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा।
• कभी कभी नमक में, हल्दी में 2 बून्द सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक नहीं सकता।
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सौंफ के लाभ (Benefits of Anise)

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• सौंफ खाने से पेट और कब्ज की शिकायत नहीं होती।
• सौंफ को मिश्री के साथ पीसकर चूर्ण बना लीजिए, रात को सोते वक्त लगभग 5 ग्राम चूर्ण को हल्के गुनगने पानी के साथ सेवन कीजिए। पेट की समस्या नहीं होगी व गैस व कब्ज दूर होगा।
• आंखों की रोशनी सौंफ का सेवन करके बढ़ाया जा सकता है। सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लीजिए। इससे आंखों की रोशनी बढती है।
• डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए।
• सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है।
• खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से खाना अच्छे से पचता है।
• सौंफ, जीरा व काला नमक मिलाकर चूर्ण बना लीजिए। खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लीजिए, यह उत्तम पाचक चूर्ण है।
• सौंफ के 10 ग्राम अर्क को शहद में मिलाकर लीजिए, इससे खांसी आना बंद हो जाएगा।
• यदि आपको पेट में दर्द होता है तो भुनी हुई सौंफ चबाइए इससे आपको आराम मिलेगा।
• सौंफ की ठंडाई बनाकर पीजिए। इससे गर्मी शांत होगी और जी मिचलाना बंद हो जाएगा।
• यदि आपको खट्टी डकारें आ रही हों तो थोड़ी सी सौंफ पानी में उबालकर मिश्री डालकर पीजिए। दो-तीन बार प्रयोग करने से आराम मिल जाएगा।
• हाथ-पांव में जलन होने की शिकायत होने पर सौंफ के साथ बराबर मात्रा में धनिया कूट-छानकर, मिश्री मिलाकर खाना खाने के पश्चात 5 से 6 ग्राम मात्रा में लेने से कुछ ही दिनों में आराम हो जाता है।
• अगर गले में खराश हो जाए तो सौंफ चबाना चाहिए।
• सौंफ चबाने से बैठा हुआ गला भी साफ हो जाता है।
• रोजाना सुबह-शाम खाली सौंफ खाने से खून साफ होता है जो कि त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इससे त्वचा में चमक आती है।
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Friday, 6 October 2017

मक्खन के लाभ


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वर्तमान जीवनशैली में, हम वसायुक्त चीजों को अपने खान-पान से बाहर करते जा रहे हैं। मक्खन की बात करें, तो कभी पुराने समय में रोटी के साथ ढेर सारा मक्खन प्रात: के नाश्ते में सम्मिलित किया जाता था, आज हम उसकी सभी प्रकार से उपेक्षा करने लगे हैं। किन्तु क्या आप जानते हैं, कि मक्खन खाने के अपने ही कुछ लाभ हैं। यदि नहीं जानते, तो अवश्य ही पढ़ि‍ए, और जानिए मक्खन से होने वाले यह लाभ - 
1 कैंसर - जी हां, मक्खन कोई मामूली चीज नहीं है। यह कैंसर जैसे रोग से बचाव करने में आपकी मदद करता है। दरअसल मक्खन में मौजूद फैटी एसिड कौंजुलेटेड लिनोलेक प्रमुख रूप से कैंसर से बचाव में मदद करता है।
2 ऑस्टियोपोरोसिस - विटामिन्स, मिनिरल्स और कैल्शियम से भरपूर मक्खन आपकी हड्डियों को मजबूत बनाकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करता है। दांतों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद होता है।
3 बुखार - गाय के दूध का मक्खन और खड़ी शर्करा का सेवन करने से पुराना बुखार ठीक हो जाता है, इसके अलावा मक्खन के साथ शहद और सोने के वर्क को मिलाकर खाने से टीबी के मरीजों को लाभ मिलता है।
4 आंखों में जलन - आंखों में जलन की समस्या होने पर गाय के दूध का मक्खन आंखों पर लगाना बेहद फायदेमंद होता है। किसी भी कारण से आंखों में होने वाली जलन को यह समाप्त कर देता है।
5 दिल की समस्या - मेडि‌कल रिसर्च काउंसिल के एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग कुछ मात्रा में मक्खन को अपनी डाइड में शामिल करते हैं, उन्हें दिल की बीमारी का खतरा, अपेक्षाकृत कम होता है। इसमें विटामिन ए, डी, के और ई के अलावा लेसिथिन, आयोडीन और सेलेनियम जैसे तत्व होते हैं जो दिल की सेहत के लिए बेहतर हैं।
6 थायरॉइड - मक्खन में आयोडीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो थायरॉइड के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन ए भी थायरॉइड ग्लैंड के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
7 मूड बने मस्‍त - मक्खन में पाया जाने वाला सेलीनियम आपके मूड को बेहतर करने में आपकी मदद करता है। तो जब भी आपका मूड खराब हो, थोड़ा सा मक्खन, उसे ठीक करने में आपकी मदद कर सकता है।
8 दमा - सांस की तकलीफ होने पर भी मक्खन लाभदायक साबित होता है। मक्खन में मौजूद सैचुरेटेड फैट्स फेफड़ों की मदद करते हैं और दमा के मरीजों के लिए भी इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है।
9 एंटीऑक्‍सीडेंट - एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर मक्खन कैंसर या ट्यूमर से आपकी रक्षा करने के साथ ही त्‍वचा को फ्री रैडिकल्‍स से सुरक्षि‍त रखता है। यह त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है।इसकी मसाज से त्वचा में जान आ जाती है।
10 पाइल्स - गाय के दूध का मक्खन और तिल को मिलाकर खाने से पाइल्स की समस्या में लाभ होता है। इसके अलावा मक्खन में शहद व खड़ी शक्कर मिलाकर खाने से खूनी बवासीर ठीक हो जाती है। इसमें शहद के स्थान पर नागकेसर का प्रयोग भी किया जा सकता है।
11 प्रजनन क्षमता - प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए मक्खन का बहुत लाभकारक माना जाता है। यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है तथा मेल और फीमेल हार्मोन्स को बढ़ाने का कार्य करता है।
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चित्र में ये शामिल हो सकता है: मिठाई और भोजन

Thursday, 13 July 2017

जामुन के औषधीय गुण

►जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जामुन के मौसम में इसके नियमित सेवन से डायबटीज के मरीज को फायदा होता है. इससे शुगर के मरीज को होने वाली समस्याए जैसे बार-बार प्यास लगना और बार-बार यूरिन पास होना आदि में भी लाभ पहुचता है.
►जामुन में पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में होता है जो कि व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि से बचाता है.
►अगर किसी व्यक्ति में खून की कमी पाई जाती है, तो उसे भी जामुन का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिये, इससे व्यक्ति के शरीर में खून का स्तर बढ़ जाता है.
►जामुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में मौजूद होते है, जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है.
►आप मौसम के समय में जामुन के फलों का रस निकाल कर रख सकते है और फिर कभी उल्टी,दस्त या हैज़ा जैसी परेशानी होने पर इसे पानी के साथ उपयोग करने पर फायदा पहुचता है.
►ताजे जामुन और आम का रस मिलाकर शुगर के मरीज को देने पर फायदा पहुचता है. 

►जामुन के सेवन से पेट की समस्याओ से निजात मिलता है. साथ ही साथ पेट के कीड़े,दमा की समस्या,ख़ासी आदि में भी राहत मिलती है.
►जामुन के सेवन से पेट की समस्याओ जैसे कब्ज,एसीडिटी आदि से निजात मिलता है और चेहरे पर निखार आता है.
►अगर आपके मुंह में छाले हो गए है तो जामुन के सेवन से लाभ मिलेगा.
►अगर आप एसीडिटी से परेशान है, तो जामुन के फल में काला नमक और जीरे का चूर्ण मिलाकर इसका सेवन करने से लाभ मिलेगा.
►जामुन में बहुत सारे तत्व होने के कारण यह आपको बारिश के मौसम में रोगो से लड़ने की शक्ति देता है. 
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Monday, 26 June 2017

Thursday, 23 March 2017

शहीद दिवस (Shaheed Diwas)

बड़ी नसीबों वाली है ये भारत धरा और इस धरा के लोग जिनको शहीद सरदार #भगत_सिंह, शहीद #सुखदेव और शहीद #राजगुरु जैसे वीर सपूत प्राप्त हुए। जिन्होने अपना सर्वस्व अपनी भारत माँ को न्योछावर कर दिया और उफ तक नहीं की... 
शब्द कम पड़ जाते हैं शहीदों की वीर गाथा कहने मे... 
भारत माता के वीरों आपको करबद्ध तथा अश्रुपूर्ण नमन तथा कोटी कोटी वंदन है। हम ऋणी हैं आपके और ये देश आपका कर्ज़ कभी नहीं उतार सकता।
॥जय हिन्द॥ ॥जय भारत॥ ॥जय शहीद॥
#23_मार्च #23March #शहीददिवस #MartyrsDay #ShaheedDiwas

Wednesday, 8 March 2017

08मार्च 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' 'International Women's Day'

"यत्र नार्यस्तु पूजयंते रमन्ते तत्र देवता" 
जहाँ पर नारी का सम्मान होता है वहाँ देवता निवास करते हैं। 
#08मार्च #अंतर्राष्ट्रीयमहिलादिवस #महिलादिवस #InternationalWomensDay#बलप्रदा #Balprada

Friday, 3 March 2017

गाय के दूध के अनेकों लाभ (Benefits of Cow Milk) Balprada बलप्रदा

►दूध पीने का समय – साधारणतया दूध सोने से तीन घण्टे पहले पीना चाहिए। दूध पीकर तुरन्त नहीं सोना चाहिए। रात्रि को ज्यादा गर्म दूध पीने से स्वप्नदोष होने की सम्भावना रहती है।
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►दूध कैसा पियें? – ताजा धारोष्ण दूध पीना अच्छा है। यदि यह सम्भव नहीं हो तो दूध गर्म करके पियें। गर्म इतना ही करें जितना गर्म पिया जा सके। दूध को अधिक उबालने से जीवनोपयोगी अंश नष्ट हो जाते हैं। दूध को बहुत उलट-पुलट कर झाग पैदा करके धीरे-धीरे पियें। दूध के झाग बहुत लाभदायक होते हैं। जितने ज्यादा झाग दूध में होंगे, वह दूध उतना ही लाभदायक होगा। दूध का सेवन करते समय किसी प्रकार का खट्टा पदार्थ न लें।
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►दूध में मिठास – चीनी मिला दूध कफकारक होता है। प्राय: दूध में चीनी मिलाकर मीठा करके पीते हैं। चीनी मिलाने से दूध में जो कैल्शियम होता है, नष्ट हो जाता है। अत: चीनी मिलाना उचित नहीं है। दूध में प्राकृतिक मिठास होती है। फीके दूध का अभ्यास करने से थोड़े दिन में ही उसकी प्राकृतिक मिठास का भान होने लगता है और बाह्य मिठास की आवश्यकता नहीं होती। जहाँ तक हो इसमें चीनी न मिलायें। यदि मिठास की आवश्यकता हो तो शहद, मुनक्का को भिगोकर इसका पानी, गन्ने का रस, ग्लूकोज मिलायें। बूरा या मिश्री मिला हुआ दूध वीर्यवर्धक, त्रिदोष नाशक होता है।
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►दूध का शीघ्र पाचन – किसी-किसी को दूध नहीं पचता, अच्छा नहीं लगता। इसके लिए दूध में एक पीपल डालकर, उबालकर पियें। इससे वायु नहीं बनती। दूध में शहद मिलाकर पीने से गैस नहीं बनती। दूध बादी करता हो, गैस बनाता हो तो अदरक के टुकड़े या सोंठ का चूर्ण और किशमिश मिलाकर सेवन करें।
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►स्तनपान – डिब्बाबंद दूध से बच्चों का मस्तिष्क प्रदूषित होता है तथा बच्चा आजीवन किसी-न-किसी बीमारी से ग्रस्त रहने लगता है। माँ का दूध अधिक पीने वाले बच्चों के मुकाबले उनके भीतर शांति व न्याय की भावना कम होती है। दूसरी ओर स्तनपान कराने वाली माताएँ प्राय: स्तन कैंसर से बची रहती हैं तथा उनका सैक्स भी लाजवाब बना रहता है। स्तनपान कराने वाली महिलाएँ, स्तनपान न कराने वाली महिलाओं की अपेक्षा अधिक खूबसूरत बनी रहती हैं।
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►मोटापा – एक गिलास दूध में 15 मुनक्का बीज निकालकर डाल दें। फिर उबालकर पीने जैसा ठण्डा होने पर एक चम्मच देशी घी और तीन चम्मच शहद डालकर पियें। इससे शरीर का वजन बढ़ेगा।
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►हृदयाघात – पिछले 28 साल में चार लाख वयस्कों पर किये अध्ययन में पाया कि जो लोग अधिक दूध पीते थे उन्हें हृदय संबंधी अटैक और स्ट्रॉक की संभावना 17 प्रतिशत तक कम हो गई।
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►बुढ़ापा – बाल सफेद होना और दाँत गिरने लगना, घुटनों में शक्ति कम होना, त्वचा में झुर्रियाँ पड़ना, आँखों में ज्योति कम होना, कानों से कम सुनाई देना बुढ़ापे के चिह्न हैं। दूध पीते रहने से आयु बढ़ती है। बुढ़ापा अपना प्रभाव नहीं जमा पाता। जो अनाज हम खाते हैं, उसका तीस प्रतिशत प्रोटीन ही पचकर शरीर के काम आता है लेकिन यदि भोजन के साथ दूध लिया जाये तो इससे दुगुनी मात्रा में प्रोटीन शरीर में पचकर शक्ति देता है।
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►खुजली – दूध में पानी मिलाकर रुई के फोहे से शरीर पर मलें। थोड़ी देर बाद स्नान कर लें। खुजली मिट जायेगी।
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►चक्कर आना (Vertigo) – 250 ग्राम दूध में सात मुनक्का उबालकर रात को नित्य पीने से चक्कर आना ठीक हो जाते हैं।
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►होंठों का सौंदर्य – एक चम्मच कच्चे दूध में जरा-सी केसर पीसकर होंठों पर मालिश करने से होंठों का कालापन दूर हो जाता है और कान्ति बढ़ती है।
चेहरे का सौंदर्य – चेहरे पर झाँई, कील, मुँहासे, दाग-धब्बे दूर करने के लिए पहले गर्म दूध चेहरे पर मलें, चेहरा धोयें। आधा घण्टे बाद साफ पानी से चेहरा धोयें। इससे चेहरे का सौंदर्य बढ़ेगा। चेहरे के धब्बों पर धारोष्ण दूध के झाग मलने से धब्बे मिट जाते हैं। सोते समय चेहरे पर दूध की मलाई लगाने से भी कील, झाँइयाँ मिट जाती हैं।
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►सौंदर्यवर्धक – बतासे पीसकर रख लें। आधा चम्मच इस पाउडर में जरा-सा दूध मिलाकर गूंध लें। गाढ़ा-गाढ़ा चेहरे पर लगायें। इससे चेहरे के दाग, धब्बे, चकत्ते, चेचक और मुँहासों के निशान मिट जाते हैं।
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►मुख सौंदर्य – सूखी त्वचा पर दूध की मलाई मलें। जहाँ झुर्रियाँ पड़ गई हों वहाँ गर्म दूध की मालिश करें। सारे शरीर की दूध से मालिश करना भी लाभदायक है। दूध में नीबू निचोड़कर, फाड़कर, जमे हुए दूध के टुकड़ों से मालिश करने से रूप, रंग निखर जाता है। चेहरे के दाग-धब्बे मिटाने के लिए दूध से 10 मिनट तक चेहरे की मालिश करें। मुँहासों के दाग होने पर कच्चा दूध और पानी समान मात्रा में मिलाकर लस्सी बनाकर पीने से लाभ होता है।
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►मुँहासे – चार चम्मच बेसन दूध में गूँधकर एक नीबू निचोड़कर चेहरे पर नित्य एक महीने मलें। चेहरा साफ हो जायेगा।
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►बाल काले करना – दो किलो दूध उबालकर उसमें सौ ग्राम नील मिलाकर दही जमायें। उसे बिलोकर घी निकालकर लोहे के इमामदस्ते में लोहे की मूसली से इतना रगड़े कि सारा घी काला हो जाये। इस घी को बालों पर लगाने से बाल काले हो जाते हैं।
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►जलना – जलने पर घी लगायें तथा एक गिलास दूध में एक चम्मच घी डालकर रोजाना पियें।
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►अाँखों के रोग – अाँखों में चोट लगी हो, जल गई हो, मिर्च-मसाला गिरा हो, कोई कीड़ा गिर गया हो या डंक मारा हो, आँख लाल हो, दुखती हो, कीचड़ आती हो, प्रकाश सहन न होता हो तो रुई का फोहा दूध में भिगोकर अाँखों पर रखने से लाभ होता है। रात भर फोहा बँधा रखें तो ज्यादा लाभदायक है। दो बूंद दूध की आँख में भी डालें।
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►नेत्रों में जलन – (1) रात को सोते समय अाँखों की पलकों पर दूध की मलाई रखकर सोयें। जलन मिट जायेगी। (2) एक गिलास ठण्डे पानी में चौथाई कप दूध डालकर अाँखों पर छोटे मारें। जलन दूर हो जायेगी। गर्मी से अाँखों में सूजन हो तो वह भी ठीक हो जायेगी।
नेत्रों में सूजन – यकृत खराब होने पर नेत्रों में सूजन आ जाती है। आधा गिलास दूध में एक गिलास पानी, चौथाई चम्मच पिसी हुई सोंठ डालकर इतना उबालें कि पानी जल जाये और दूध रह जाये। इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर घूंट-घूंट पियें।
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►अाँख में अवांछित वस्तु गिरना – अाँख में तिनका या अन्य कोई चीज गिर जाए और निकलती न हो तो आँख में दूध की तीन बूंदें डालें। दूध की चिकनाहट से वह अाँख से निकल जायेगी। श्वास में घरघराहट होने पर एक कप दूध, दो कप पानी, एक चम्मच पिसी हुई सोंठ, बीस पिसी हुई कालीमिर्च डालकर उबालें। उबालते-उबालते आधा भाग रहने पर ठण्डा होने दें। हल्का-सा गर्म रहने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर नित्य सुबह-शाम पियें। श्वास को घरघराहट दूर हो जायेगी।
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►श्वास नली के रोग, शक्तिवर्धक – एक गिलास पानी + एक गिलास दूध में 5 पीपल डालकर इतना गर्म करें कि केवल दूध ही बचे, पानी जल जाये फिर शक्कर डालकर नित्य सुबह-शाम पियें। इससे जीर्ण ज्वर, जुकाम, खाँसी, दमा, फेफड़े की कमजोरी, आरम्भिक टी. बी. वीर्य की कमी एवं कमजोरी दूर होती है। यह कुछ महीने करें।
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►मूत्राशय (Bladder) के रोग – दूध में गुड़ मिलाकर पीने से लाभ होता है। मूत्र में रुकावट होने पर गर्म दूध में गुड़ डालकर पियें।
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►अपच – गरिष्ठ भोजन, जैसे-मिठाइयाँ, जीमन, पूरी आदि खाने से पेट खराब हो जाता है। अपच हो जाती है। एक गिलास दूध, आधा गिलास पानी, स्वादानुसार चीनी मिलाकर सबको उबालें। अच्छी तरह उबलने के बाद गर्म-गर्म धीरे-धीरे पियें। चार घण्टे बाद एक बार पुन: इसी प्रकार दूध बनाकर पियें। खाना नहीं खायें। प्यास लगने पर गर्म पानी पियें। गरिष्ठ भोजन से उत्पन्न सारी अपच ठीक हो जायेगी।
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►बवासीर, कब्ज़ – गर्म दूध के साथ ईसबगोल की भूसी या गुलाब का गुलकन्द लेने से शौच खुलकर आता है। बवासीर वालों को भी इसे सेवन करना चाहिए। गाय का ताजा दूध तलुओं पर मलने, रगड़ते रहने से बवासीर में लाभ होता है।
गैस – (1) एक गिलास दूध में चार ग्राम पिसी हुई दालचीनी मिलाकर उबालें। फिर उलट-पुलट कर फेंटकर दो चम्मच शहद मिलाकर पियें। इस प्रकार दूध पीने से गैस नहीं बनती। (2) पोदीना और लहसुन की चटनी (बिना नमक व मसाले की) खाने से गैस बाहर निकलने लगेगी। (3) जवाखार (यवक्षार) और सोंठ
समान मात्रा में पीसकर एक चम्मच, पानी के साथ फंकी लें। यह स्वादिष्ट चूर्ण है।
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►कूकर खाँसी – एक कप दूध, एक कप पानी मिलाकर उबालें। आधी मात्रा में रहने पर इसमें आधा चम्मच घी मिलाकर पिला दें। इस प्रकार तीन बार रोजाना दो सप्ताह तक पिलायें। कूकर खाँसी ठीक हो जायेगी। स्वाद के लिए इलायची आदि कोई भी चीज मिला सकते हैं।
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►वीर्य पुष्टि – प्रात: नाश्ते में केला, दस ग्राम देशी घी के साथ खाकर ऊपर से दूध पियें। दोपहर के बाद दो केले, आधा छटांक खजूर, एक चम्मच देशी घी खाकर ऊपर से दूध पियें।
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►अतिरज – मासिक स्राव में रक्त अत्यधिक जाता हो तो एक गिलास दूध में एक चम्मच पिसा हुआ कतीरा स्वादानुसार पिसी हुई मिश्री मिलाकर नित्य तीन बार पीने से रक्तस्राव बन्द हो जाता है।
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►त्वचा का कालापन – नित्य चेहरे पर दूध मलें। चेहरा सुन्दर दिखेगा, कालापन दूर हो जायेगा। यदि इच्छा हो तो सारे शरीर पर ही दूध मलें, ऐसा करने से रूखापन दूर होकर त्वचा मुलायम हो जायेगी और कालापन हट जायेगा।
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►पेशाब की जलन – गर्मी के प्रभाव, गर्म प्रकृति की चीजें खाने से पेशाब में जलन हो तो कच्चे दूध में पानी मिलाकर, लस्सी बनाकर पीने से लाभ होता है।
पथरी – आधा कप दूध एक गिलास में डालें। इसमें खारा सोडा (सोडे की बोतल जो पीने के काम आती है) मिलाकर रोजाना तीन बार पियें। छोटी-छोटी पथरियाँ निकल जायेंगी।
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►अनिद्रा – (1) रात को सोते समय मावा या खोआ खाने से नींद अच्छी आती है। भैस का दूध निद्रा लाता है। अत: सोते समय भैंस का दूध पियें। (2) रात को दूध में केसर मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।
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►पित्ती – कच्चे दूध की लस्सी पीने से रक्त की गर्मी निकल जाती है और पित्ती में आराम आ जाता है।
पेशाब रुकना – गाजर का रस और दूध समान मात्रा में मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है।
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►रक्तस्रावी बवासीर (Bleeding Piles) – रात को सोते समय गुदा में दूध की मलाई मलें, अच्छी तरह नित्य लगायें। बवासीर से रक्त गिरना बन्द हो जायेगा।
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►हड्डियों का भुरभुरापन (ऑस्टियोपोरोसिस) – आधुनिक जीवन शैली, विटामिन ‘डी’ की कमी तथा कसरत न करने से ऑस्टियोपोरोसिस रोग तेजी से फैल रहा है। धूम्रपान करने, शीतल पेय, जंक फूड आदि के सेवन करने तथा असंतुलित भोजन लेने से भी यह रोग हो जाता है। इस रोग में हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं और उनका पता भी नहीं चलता।
उपचार – आप नित्य बीस मिनट धूप सेंकें और प्रतिदिन एक गिलास दूध पियें तो अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकते हैं। एक गिलास चिकनाई रहित दूध में 300 मिग्रा. कैल्शियम होता है। अॉस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए नित्य एक हजार मिग्रा. कैल्शियम शरीर को मिलना चाहिए।
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चैत्र नवरात्रि 2022

आप सभी को #बलप्रदा परिवार की ओर से #चैत्र #नवरात्रि की अनेक शुभकामनायें....