Wednesday, 6 October 2021
#सुविचार #Suvichar #MotivationalQuotes #बलप्रदा #Balprada
Friday, 20 August 2021
#सुविचार #Suvichar #MotivationalQuotes #बलप्रदा #Balprada
Friday, 6 August 2021
Saturday, 24 July 2021
गुरु पूर्णिमा पर्व (2021)
Thursday, 24 June 2021
Thursday, 17 June 2021
#सुविचार #Suvichar #MotivationalQuotes #बलप्रदा #Balprada #आयुर्वेद #Ayurved #Ayurveda #Hospital
नींद, शांति, हवा, पानी, प्रकाश और सबसे अधिक हमारी साँसे। "
Monday, 17 May 2021
#सुविचार #Suvichar #MotivationalQuotes #बलप्रदा #Balprada #आयुर्वेद #Ayurved #Ayurveda #Hospital
Sunday, 18 October 2020
जौ/जव/यव (Barley)
जौ प्राचीन काल से #कृषि किये जाने वाले अनाजों में से एक है...इसका उपयोग प्राचीन काल से धार्मिक संस्कारों में होता रहा है, #संस्कृत में इसे #यव कहते हैं।
जौ के आटे की #रोटी का सेवन करने से #डायबिटीज नियंत्रित होता है।हमारे ऋषियों-मुनियों का प्रमुख आहार जौ ही था... #वेद यज्ञ की आहुति के रूप में जौ को स्वीकार करते हैं।
Balprada Jansewa Ashram TRUST
#स्वाद और आकृति के दृष्टिकोण से जौ, गेहूँ से एकदम भिन्न दिखाई पड़ते हैं, किन्तु यह गेहूँ की प्रजाति का ही अन्न है। इसमें #ग्लूटेन की मात्रा कम होती है, यदि गुण की नज़र से देखा जाये तो जौ-गेहूँ की अपेक्षा हल्का होता है और #मोटा_अनाज भी होता है जो कि पूरे भारत में पाया जाता है।
जौ के दाने में 11.12 प्रतिशत #प्रोटीन, 1.8 प्रतिशत फाॅस्फोरस, 0.08 प्रतिशत #कैल्शियम तथा 5 प्रतिशत रेशा पाया जाता है। जौ खाद्यान में बीटा ग्लूकॉन की अधिकता और ग्लूटेन की न्यूनता जहाँ एक ओर मानव_रक्त में #कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करता है, वही दूसरी ओर सुपाच्यता व शीतलता प्रदान करता है।
Balprada Jansewa Ashram TRUST
इसका सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य #उत्तर_प्रदेश है जबकि #बिहार राज्य के कृषि क्षेत्र 5 प्रतिशत भाग पर जौ की कृषि की जाती है, साथ ही #राजस्थान, #मध्य_प्रदेश, #हरियाणा एवं #पंजाब में भी लगाया जाता है।
हमारे देश मे जौ का प्रयोग रोटी बनाने में किया जाता है जो #मधुमेह रोगियों के लिए काफी लाभदायक है। जौ और चना को भूनकर पीसकर #सत्तू के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा जौ का प्रयोग माल्ट बनाने में किया जाता है।
इसके सेवन से पेट सबंधी गड़वड़ी , वृक में पथरी बनना तथा आंत की गड़बड़िया दूर होती है। आज जौ का सबसे ज्यादा उपयोग पर्ल बारले, माल्ट, बियर, हॉर्लिक्स, मालटोवा टॉनिक, दूध मिश्रित बेवरेज आदि बनाने में बखूबी से किया जा रहा है। मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी इस खाद्यान्न फसल की सबसे बड़ी खूबी यह है की इसकी खेती करना बड़ा आसान है।
#स्वास्थ्य #Health #आयुर्वेद #Ayurved #बलप्रदा #Balprada #Kidney #Liver #Cancer #AyurvedikHospital #KidneyHospital #Barley
Saturday, 22 August 2020
Ganesha Chaturthi 2020
बलप्रदा परिवार की ओर से सभी को श्री #गणेश #चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ...
Friday, 31 July 2020
महान क्रांतिकारी उधम सिंह जी की जयंती पर
अखंड - प्रचंड संकल्प के धनी, महान देशभक्त, जलियांवाला नरसंहार का लंदन में जाकर बदला लेने वाले, राष्ट्र के लिए सर्वस्व आहूत करने वाले महान क्रांतिकारी #उधम_सिंह जी की जयंती पर उन्हे कोटी कोटी नमन 🙏
मुंशी प्रेमचंद्र जी के जन्मदिवस पर
खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है,
जीवन नाम है सदैव आगे बढ़ते रहने की लगन का ! - मुंशी प्रेमचंद्र
आज हमारे कलम के सिपाही का जन्मदिवस है, हिंदी साहित्य को इन्होंने न सिर्फ नए आयाम दिए अपितु जिस सरलता से सामान्य मानव के जीवन और उनकी संवेदनाओं को हम सभी तक पहुँचाया है इससे सीखकर हम बेहतर मनुष्य बन कर अपना बेहतर चरित्र निर्माण कर सकते हैं!
आप यदि जीवन के सरल पहलुओं व ग्रामीण भारत का एक गहरा चरित्र देखना चाहें तो मुंशी जी के साहित्य का आलिंगन अवश्य करें।
मुंशी प्रेमचंद्र जी के जन्मदिवस पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें! 🙏🙏
Tuesday, 7 July 2020
चिरायता (Swertia)
Balprada Jansewa Ashram TRUST
आयुर्वेद के अनुसार, चिरायता बुखार, कुष्ठ रोग, डायबिटीज, रक्त विकार, सांसों से संबंधित बीमारी, खांसी, अधिक प्यास लगने की समस्या को ठीक करता है। यह शरीर में होने वाली जलन, पाचनतंत्र के विकार, पेट के कीड़े की समस्या, नींद ना आने की परेशानी, कंठ रोग, सूजन, दर्द में काम आता है। इसके अलावा चिरायता घाव, प्रदर (ल्यूकोरिया), रक्तपित्त (नाक-कान आदि से खून बहने की समस्या), खुजली और बवासीर आदि रोगों में भी प्रयोग में लाया जाता है। इसके पौधे कैंसर में भी फायदेमंद होते हैं। आइए जानते हैं कि चिरायता कैसा होता है...
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चिरायता का पौधा बाजार में आसानी से मिल जाता है। चिरायता स्वाद में तीखा, ठंडा, कफ विकार को ठीक करने वाला है। कई विद्वान कालमेघ को चिरायता मानते हैं, लेकिन यह दोनों पौधें आपस में भिन्न हैं। असली चिरायता अपनी जाति के अन्य चिरायतों की तुलना में बहुत ही कड़वा होता है। चिरायते की कई प्रजातियां होती हैं, जिनका प्रयोग चिकित्सा में किया जाता है।
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यह 60-125 सेमी ऊँचा, सीधा, एक साल तक जीवित रहने वाला होता है। इसके पौधे में अनेक शाखाएं होती हैं। इसके तने नारंगी, श्यामले या जामुनी रंग के होते हैं। इसके पत्ते सीधे, 5-10 सेमी लम्बे, 1.8 सेमी चौड़े होते हैं। नीचे के पत्ते बड़े तथा ऊपर के पत्ते कुछ छोटे व नोंकदार होते हैं।
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इसके फूल अनेक होते हैं और ये अत्यधिक छोटे, हरे-पीले रंग के होते हैं। इसके फल 6 मिमी व्यास के, अण्डाकार, नुकीले होते हैं। चिरायता की बीज संख्या में अनेक, चिकने, बहुकोणीय, 0.5 मिमी व्यास के होते हैं। चिरायते के पौधे में फूल और फल आने का समय अगस्त से नवम्बर तक होता है।आइए जानते हैं कि चिरायता किन-किन रोगों में लाभप्रद होता है...
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••► चिरायता के सेवन से खांसी का इलाज ▬
चिरायता का पौधा खांसी के इलाज में भी काम आता है। चिरायते का काढ़ा 20-30 मिली की मात्रा में पिएं। इससे खांसी में लाभ होता है। इससे आंत के कीड़े खत्म होते हैं।
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••► पेचिश रोग में चिरायता का उपयोग लाभदायक ▬
आप पेचिश रोग में भी चिरायता के फायदे ले सकते हैं। 2-4 ग्राम किराततिक्तादि चूर्ण में दोगुना मधु मिला लें। इसका सेवन करने से पेचिश रोग ठीक होता है।
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••► भूख को बढ़ाने के लिए करें चिरायता का सेवन ▬
चिरायता का काढ़ा बनाकर 20-30 मिली मात्रा में पिलाने से भूख बढ़ती है। पाचन-शक्ति बढ़ती है।
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••► अत्यधित प्यास लगने की परेशानी में करें चिरायता का सेवन ▬
चिरायता, गुडूची, सुगन्धबाला, धनिया, पटोल आदि औषधियों का काढ़ा बना लें। इसे 10-20 मिली मात्रा में सेवन करने से पिपासा/अत्यधिक प्यास लगने की परेशानी में लाभ होता है।
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••► पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए करें चिरायता का प्रयोग ▬
चिरायता के गुण पेट के कीड़ों को भी खत्म करते हैं। सुबह भोजन के पहले (5-10 मिली) चिरायता के रस में मधु मिश्रित कर सेवन करने से आंत के कीड़े खत्म हो जाते हैं।
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••► आमाशय से रक्तस्राव की बीमारी में चिरायता के सेवन से लाभ ▬
चिरायता का पौधा रक्तस्राव को रोकने में भी काम आता है। 1-2 ग्राम चंदन के पेस्ट के साथ 5 मिली चिरायता का रस मिला लें। इसका सेवन करने से आमाशय से रक्तस्राव की समस्या ठीक होती है।
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कई और बीमारियों में भी चिरायता उपयोगी है, जैसे- पेट दर्द, लिवर विकार, पीलिया व अनीमिया रोग, खूनी बवासीर का इलाज, चर्म रोग, बुखार, सूजन, रक्तपित्त (नाक कान से खून आना), कुबड़ापन की परेशानी आदि। 🙏🏼साभार किन्तु संपादित🙏🏼

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For Kidney Failure, Liver Failure Contact at 9412664618, 9917114400 Web: www.balpradaindia.com Email: info@balpradaindia.com
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